
राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में छाए उत्तराखंड के लाल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पदक विजेताओं को किया सम्मानित
देहरादून (9 जून): परेड ग्राउंड के मल्टीपरपज हॉल में हाल ही में संपन्न हुई सब जूनियर, कैडेट एवं जूनियर राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में उत्तराखंड का परचम लहराने वाले नन्हे खिलाड़ियों ने आज कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात की। 4 से 7 जून तक चली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर चार पदक जीतने वाले इन होनहार खिलाड़ियों को कैबिनेट मंत्री ने खुद सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दीं।
शौकीन कराटे अकादमी के बच्चों ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान
इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में देहरादून की ‘शौकीन कराटे अकादमी’ के खिलाड़ियों ने उत्तराखंड राज्य का प्रतिनिधित्व किया था। देश भर से आए मुश्किल विरोधियों को मात देकर इन बच्चों ने देवभूमि का नाम रोशन किया। पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है:
शानवी बोरा: 7 वर्ष आयु वर्ग (-25 किलोग्राम) में दमदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया।
वेदान्त राहुत: 10 वर्ष आयु वर्ग (-40 किलोग्राम) में शानदार तकनीकी प्रदर्शन के साथ रजत पदक (Silver Medal) जीता।
निवेदिता गैरोला: 10 वर्ष आयु वर्ग (-30 किलोग्राम) में बेहतरीन मुकाबला कर कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल किया।
दिग्यांत सेठ: कैडेट वर्ग (-52 किलोग्राम) की कठिन श्रेणी में राज्य को कांस्य पदक (Bronze Medal) दिलाया।
कोच की मांग पर मंत्री का भरोसा— ‘खिलाड़ियों को नहीं होने देंगे उपकरणों की कमी’
मुलाकात के दौरान अकादमी के मुख्य कोच शौकीन लाल ने मंत्री गणेश जोशी को बच्चों की इस ऐतिहासिक सफलता के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों के और बेहतर प्रशिक्षण (Training) के लिए कुछ जरूरी और आधुनिक खेल उपकरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कैबिनेट मंत्री ने कोच को सकारात्मक आश्वासन दिया और भरोसा दिलाया कि खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए जरूरी खेल उपकरण बहुत जल्द सरकार की ओर से मुहैया करा दिए जाएंगे।
खिलाड़ियों की पीठ थपथपाते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हमारे प्रदेश के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर लगातार उत्तराखंड का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार नई खेल नीति के जरिए खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने तथा उन्हें हर विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



